कैसे तुझको समझाना ,
है उलट नज़रिया तेरी || टेक ||
सत्य रूपको छोड़ दिया ,
तू झूठ मायामों भूला |
जमका डंडा बैठे सिर जब ,
झटके खावे खुला ॥ १ ॥
हाथी घोडा माल खजाना ,
इनपे आशा जोडी
मौत आय जब पछतावेगा ,
गाँड लँगोटी छोडी || २ ||
साले भाई मेरे ' कहकर ,
इनमें भूली पाया
मौत आय जब चला अकेला ,
धन डाकूने खाया ॥ ३ ॥
कहता तुकड्या ख्याल कराकर ,
भजले अब तो साँई ।
मस्त रहेगा जन्म - जन्म फिर ,
जमका धोखा नाहीं ॥ ४ ॥
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